प्रवचनामृत
ये जीवन फिर झमेला बन जाता है। मनोबल टूट जाता है जब मनोबल टूट जाता है तो आदमी चलता फिरता मुर्दा बन जाता है।
जिंदगी संघर्ष का नाम है। जब तक जिओगे जिंदगी में कुछ न कुछ उतार चढ़ाव चलता ही रहता है। अपने हर सपने को हकीकत में बदलना है तो जरूरी है कि हमे सिर्फ अच्छा दिखना नही, अच्छा बनना है। संकल्पशील बनना है। प्रण पे मिटना है हमे नायक बनना है। खलनायक नही। एक नौकरी के लिए 20 सलाहकार देने पड़े तो देंगे। लेकिन हिम्मत नही हारेगे।
क्रमश:
ये जीवन फिर झमेला बन जाता है। मनोबल टूट जाता है जब मनोबल टूट जाता है तो आदमी चलता फिरता मुर्दा बन जाता है।
जिंदगी संघर्ष का नाम है। जब तक जिओगे जिंदगी में कुछ न कुछ उतार चढ़ाव चलता ही रहता है। अपने हर सपने को हकीकत में बदलना है तो जरूरी है कि हमे सिर्फ अच्छा दिखना नही, अच्छा बनना है। संकल्पशील बनना है। प्रण पे मिटना है हमे नायक बनना है। खलनायक नही। एक नौकरी के लिए 20 सलाहकार देने पड़े तो देंगे। लेकिन हिम्मत नही हारेगे।
क्रमश: