जय गुरु सुदर्शन जय गुरु अरुण
प्रवचनामृत
बड़े बेहतरीन हथियार थे उसके। जिसे वो प्रतिदिन दूकान पर बिक्री के लिए रखता था। काम, क्रोध, लालच, ईर्ष्या, शत्रुता व्यर्थ का दंभ - यो कितने ही ओजार सेल के लिए रखे गए हो। सिर्फ एक थैली उसने अपने पास रखी हुई थी। उसमे क्या है ? लोगो ने पूछा। मेरे पास जितने भी हथियार है उनमे सबसे शक्तिशाली है इस हथियारे के सहारे अन्य सारे हथियार में पुन: भी प् सकता हूँ। ऐसी बात जरा खोल! कर बताओ।
ये एक ऐसा हथियार है जो सदा ही जीतता है, कभी हारता नही। शैतान ने थैली खोलदी। पता है वे हथियार कौन-कौन से थे ? "खीझ, हार"आदि। ये एक ऐसे हथियार है इनके सहारे अन्य सभी हथियार भी अपने आप आ सकते है।
क्रमश: